Monday, July 25, 2011

ye pyaar hai ..........

इस प्यार का मज़हब नहीं , कोई नाम नहीं है ;
जिसने इसे पाया है ,वो कोई आम नहीं है |

मंजिल है हर इंसान की , इस प्यार को पाना ;
दिन-रात गुज़र जाते हैं ,आराम नहीं है |
इस प्यार का .......|

हर शाम गुज़रती है, तेरी यादों में रहकर ;
बिन तेरे कोई सुबह , कोई शाम नहीं है |
इस प्यार का .......|

तू मेरी कलम है , मेरी आवाज़ तू ही है ;
तू जो नहीं तो शब्द ना, कलाम नहीं है |
इस प्यार का .......|

मैंने तो तेरी यादों में, आँसू है गंवाए ;
रातें कई गुज़री  हैं , कोई जाम नहीं  है | 
इस प्यार का ......|

दुनिया ने बाँट डाला है ,इस प्यार को अब तो ;
रावण बसा दिलों में, कहीं राम नहीं है |
इस प्यार का .......|

सौदा ना करो प्यार का , दौलत की धुंध में ;
बिक जाओगे ,इस प्यार का कोई दाम नहीं है |
इस प्यार का .......|